मोटिवेशनल बातें
इस आर्टिकल में हमने दो मोटिवेशनल Qoutes लिए है, जिनको हम थोड़ा विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे। इस आर्टिकल में हमने एक विचार पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी का लिया है, ओर एक स्वामी विवेकानंद जी का विचार लिया है।
चलिए जानते हैं.. ..
पहला विचार है, स्वामी विवेकानंद जी का:-
1. " जो तुम सोचते हो, वो बन जाओगे।यदि तुम खुद को कमजोर सोचते हो तो तुम कमजोर हो जाओगे, अगर तुम खुद को ताकतवर सोचते हो, तो तुम ताकतवर हो जाओगे। "
इस लाइन में स्वामी विवेकानंद जी कह रहे की हम अपने बारे में जैसा सोचते, जैसा नजरिया अपने बारे में रखते हैं वैसे हम बन जाते हैं। क्योंकि हमारी सोच के अनुसार ही हमारा स्वभाव बन जाता है, फिर हम हमारी सोच के अनुसार ही व्यवहार करते हैं, उसके अनुसार कोई एक्शन लेते हैं,ओर हमारे एक्शन के अनुसार ही हमें परिणाम मिलता है। इसलिए हमें अपने प्रति सकारात्मक सोच रखनी चाहिए, अपने प्रति कभी भी नकारात्मक नहीं सोचना चाहिए।
इसमें स्वामी विवेकानंद जी बता रहे हैं कि अगर हम अपने आप को कमजोर समझेंगे, अयोग्य समझेंगे तो फिर हमारी सोच भी वैसी ही बन जाएगी। हमारा आत्मविश्वास भी कम हो जाएगा, जिसका असर हमारी जिंदगी में देखने को मिलेगा। ओर हम इसके लिए खुद को और दूसरो को दोष देंगे।
हमें ख़ुद को कमजोर बोलने की जगह, अपने बारे में अच्छा और योग्य तथा ताकतवर सोचना चाहिए। ऐसा बोलने से हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है, ओर हमारी सोच अपने प्रति और दूसरो के प्रति अच्छी हो जाती हैं। हम अपनी सोच और स्वभाव के अनुसार ही कुछ करते हैं इसलिए हमें अपनी सोच अपने प्रति सकारात्मक रखनी चाहिए न कि नकारात्मक। हमे हमारे विचारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए कि हम मन ही मन अपने आप को क्या बोल रहे हैं, अच्छा बोल रहे हैं या फिर बुरा। अगर हम अपने आप को बुरा बोल रहे हैं तो उस बुरे विचार को अच्छे विचार में बदलने का प्रयास करना चाहिए।
दूसरा विचार है पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी का...
2. "अच्छी से अच्छी उम्मीद करो, किन्तु बुरी से बुरी परिस्थितियों के लिए भी तैयार रहो।"- पं. श्रीराम शर्मा आचार्य
इस लाइन में पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी कह रहे हैं कि हमें जिंदगी में अच्छी से अच्छी उम्मीद करनी चाहिए लेकिन इसके साथ हमें बुरे से बुरे दिनों के लिए भी अपने आपको तैयार करना चाहिए। क्योंकि जिंदगी हमेशा एक जेसी नही रहती है, कभी हमारे साथ अच्छा हो जाता हैं तो कभी बुरा। जिंदगी में सुख और दुख साथ साथ चलते हैं। हम कभी भी यह नहीं कह सकते कि हमारे साथ हमेशा अच्छा ही होगा। जिसको नियंत्रित करना हमारे हाथ में नही उसको हम चाह के भी नियंत्रित नही कर सकते हैं।
हमारे बुरे दिन भी आ सकते हैं, इसलिए इसके लिए हमें मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि हमारे साथ हमेशा बुरा ही होगा, हमें अपने अच्छे से अच्छे दिनों की उम्मीद करनी चाहिए, अपने बारे में अच्छा सोचना चाहिए लेकिन इसके साथ हमें विपरित परिस्थितियों के लिए भी तैयार रहना चाहिए, अगर हम मानसिक रूप से तैयार रहेंगे तो अगर कोई बुरी परिस्थिति आती है,तो हम उसको आसानी से संभाल सकते हैं।
अपनी सोच को सकारात्मक बनाने के लिए, आप कोई अच्छी किताब, लेख, किसी महापुरुष की जीवनी पढ़ सकते हैं। उनकी जिंदगी से सीख सकते हैं, उनसे प्रेरणा ले सकते है। यूट्यूब पर मोटिवेशनल पॉडकास्ट, वीडियो या अच्छी प्रेरणादायक मूवी, कहानी देख सकते हैं, जो आपको मोटिवेट और सकारात्मक रहने में आपकी सहायता कर सकते हैं।
अभी के लिए इस आर्टिकल में इतना ही, हम उम्मीद करते हैं आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा, अगर पसंद आया है तो इससे अन्य लोगों तक शेयर जरूर करे।
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