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जिला स्तरीय मिशन D3 की बैठक संपन्न हुई, लिए गए कई महत्त्वपूर्ण फैसले।

शनिवार को आलीराजपुर में बस स्टैंड के पिछे आजाद भवन में मिशन D3 की जिला स्तरीय बैठक रखी गई।
बैठक में हुई चर्चा और निर्णय :
सर्व विदित है पिछले वर्ष मिशन D3 ने क्षेत्र समाज में करीबन 80% सकारात्मक परिणाम देकर समाज में एक अलग क्रांति की अलख जगाई थी,
चूँकी वर्तमान में भी कुछ गांव ऐसे छूटे है जहां पर समाज हित में मिशन D3 की बैठक आवश्यक है,वही कुछ लोग चोरी छुपे समाज द्वारा बनाये गए नियमों का उल्लंघन कर रहे है।
बड़ते आसमानी चाँदी के भाव ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है इससे शादियों में चाँदी चढ़ाने की परंपरा भी ख़तरे में आ गयी है ऐसे में आदिवासी समाज जिला आलीराजपुर की माँग अनुसार ये बैठक आयोजित की गई जिसमें जिलेभर से मिशन D3 से जुड़े और समिति के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर वर्तमान परिस्थितियों अनुसार समाज को सही दिशा देने के उद्देश्य से कई रचनात्मक सुझाव दिये और कड़े निर्णय लेने की बात कही।
बैठक में हुए निर्णय-:
1)मिशन D3 जिला समिति द्वारा जो गत वर्ष नियम बनाये गए थे यथावत रहेंगे,उसका शत प्रतिशत पालन करना होगा।
2)चाँदी क़ा भाव चाहे जितना भी कम ज़्यादा हो जाए जो देजा गाँव में नियमानुसार लिया दिया जाता है उसमे जितनी चाँदी आजाये उतनी ही लेना देना है अलग से देजा नही बढ़ाया जाएगा।
3)चाँदी यदि वधू पक्ष नही चाहता तो उसे पैसे देने होंगे चाहे वो उससे सोना ले या FD करवा दे ये वधू का फैसला होगा।
4)शादी में गत वर्ष अनुसार अभी भी एक ही DJ होगा दूसरे होने पर समिति द्वारा पुलिस प्रशासन को जप्त कर FIR की कार्यवाही करवायी जाएगी।
5)शादी नुक्ता पाटला गाता हो या इन्द सभी सामाजिक सार्वजनिक आयोजनों में विदेशी शराब,ठंडा,तितली भवरे की दुकाने बंद रहेगी यदि इसके विपरीत जाकर कोई ग़ैर सामाजिक कार्य करता है तो स्थानीय,क्षेत्रीय और जिले की समिति उस पर सख्त FIR दर्ज करवा कर कार्यवाही करवायेगी क्योंकि ये आनेवाली पीड़ियो को बर्बाद कर देगा।
6)बैठक में आए सुझाव अनुसार मिशन D-3 की एक यात्रा पूरे जिले में निकाली जाना है जिससे क्षेत्र में जनजागरण हो और समाज में आवश्यक बदलाव हो सके।
7) मिशन D-3 का एक राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा जो संभावित तारीख 19-21 फ़रवरी के मध्य होगा।
उपरोक्त समस्त बिंदुओं पर गम्भीरता पूर्वक चर्चा होकर समाज हित में ये महत्वूर्ण निर्णय समाज को सही दिशा देने के उद्देश्य से लिए गए है।
समाज के जागरूक युवाओ ग्राम पटेल सरपंच तड़वी चौकीदार और अधिकारी कर्मचारियों से भी अपील करते है कि वो इस विषय की गंभीरता को देखते हुए मिशन D-3 के नियमों का कड़ाई से पालन कराए और जहाँ बैठक आवश्यक है वहाँ बैठक आयोजित करें।
बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत ADJ भारत सिंह रावत आम्बुआ पटेल,सरदार सिंह भवर पटेल वलवई ने की।
संचालन विक्रम सिंह चौहान ने किया और आभार केरम जमरा ने माना।


लोकभवन, मध्यप्रदेश में 26 जनवरी के कार्यक्रम में गोविंद भयडिया का राज्यपाल द्वारा सम्मान, सीएम मोहन यादव से भी हुई मुलाकात



लोकभवन, मध्यप्रदेश में 26 जनवरी के कार्यक्रम में गोविंद भयडिया का राज्यपाल द्वारा सम्मान, सीएम मोहन यादव से भी हुई मुलाकात
गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर 26 जनवरी को लोकभवन, मध्यप्रदेश (भोपाल) में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में आलीराजपुर जिले के गांव कुंडवाट निवासी समाजसेवी गोविंद भयडिया को मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें रक्तदान के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय और निरंतर सामाजिक कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल महोदय ने गोविंद भयडिया के सामाजिक कार्यों की खुलकर सराहना की ,। उन्होंने गोविंद भयडिया को आगे भी इसी तरह सेवा कार्य जारी रखने का आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर गोविंद भयडिया की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मुलाकात हुई। 
लोकभवन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के मंत्रीगण, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। पूरे समारोह का माहौल प्रेरणादायक रहा।
गोविंद भयडिया एवम् उनके साथी पिछले कई वर्षों से रक्तदान शिविर आयोजित कर रहे हैं और स्वयं भी कई बार रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने सैकड़ों युवाओं को इस अभियान से जोड़ा है, जिससे आलीराजपुर जिले में रक्त की उपलब्धता बेहतर हुई है।
सम्मान मिलने के बाद गोविंद भयडिया ने कहा कि यह उपलब्धि उन सभी रक्तदाताओं की है जो लगातार जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाजसेवा को जीवन का उद्देश्य बनाएं।

आलिराजपुर जिले में रेडक्रॉस सोसायटी की बैठक संपन्न, सदस्यता अभियान तेज करने और जन औषधि केंद्र के स्थानांतरण का निर्णय।

आलिरजपुर में रेडक्रॉस सोसायटी की एक अहम बैठक 26 दिसंबर 2025 को कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य रेडक्रॉस की गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाना तथा समाज के अधिक से अधिक लोगों को मानवीय सेवा कार्यों से जोड़ना रहा।

बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर महोदय ने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए व्यापक सदस्यता अभियान चलाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक सदस्य कम से कम पांच नए सदस्यों को रेडक्रॉस से जोड़े, जिससे सेवा कार्यों का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ सके। साथ ही आम नागरिकों में जागरूकता लाने और सेवा भावना विकसित करने के लिए रेडक्रॉस के माध्यम से नियमित जनहितकारी कार्यक्रमों के आयोजन पर भी सहमति बनी।
बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यह तय किया गया कि वर्तमान में जिला अस्पताल परिसर में संचालित जन औषधि केंद्र को ऐसे बाजार या उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, जहां अधिक संख्या में आमजन तक इसकी पहुंच हो सके। इससे न केवल दवाइयों की बिक्री बढ़ेगी, बल्कि जरूरतमंद लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर सिंह, श्री किशोर शाह (राज्य स्तरीय प्रबंध समिति सदस्य), श्री राजेंद्र टवली (सचिव), श्री संतोष वर्मा (सभापति), डॉ. प्रमय रेवड़िया (उप-सभापति), श्री जवाहरलाल जैन (कोषाध्यक्ष), श्री संजय पोरवाल, श्री प्रितेश भंवर (शाखा लिपिक), श्री नितेश अलावा, श्री ब्रजेश खंडेलवाल, श्री भगवती प्रसाद (पिंटू), श्री कादुसिंह डुडवे, श्री शैलेन्द्र परमार, डॉ. प्रेम प्रकाश पटेल एवं श्री योगेन्द्र चौहान सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में लिए गए निर्णयों से रेडक्रॉस सोसायटी की सामाजिक भूमिका और अधिक मजबूत होने के साथ-साथ आमजन को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

मिशन D-3 के तहत दो ग्रामों के पंचों की सहमति से हुआ एकरारनामा।

मिशन D-3 के तहत दो ग्रामों के पंचों की सहमति से हुआ एकरारनामा

अलीराजपुर, मध्यप्रदेश। आज ग्राम झरकली और बड़दा के बीच एक महत्वपूर्ण सामाजिक समझौता (एकरारनामा) मिशन D-3 (दहेज, दारू और डीजे मुक्त समाज अभियान) के अंतर्गत संपन्न हुआ। दोनों ग्रामों के पंचों ने आपसी चर्चा और सहमति से यह निर्णय लिया कि लड़की के जाने (विवाह-संबंधी प्रक्रिया) से जुड़े सभी मुद्दों पर मिशन D-3 के नियमों का पालन किया जाएगा।

फोटो में दोनों गांवों के प्रतिनिधि, पंच और समाजजन उपस्थित दिखाई दे रहे हैं। सभी ने मिलकर हस्ताक्षरित पत्र लेकर इस सामाजिक पहल को औपचारिक रूप दिया।

मिशन D-3 क्यों महत्वपूर्ण ?

मिशन D-3 का उद्देश्य आदिवासी समाज में व्याप्त तीन प्रमुख कुरीतियों —दहेज प्रथा, शराब सेवन, और शादी में अनावश्यक डीजे खर्च — को पूरी तरह समाप्त करना है।
इन तीनों समस्याओं के कारण अनेक परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं और समाज पर अनावश्यक बोझ बढ़ता है।

दोनों गांवों द्वारा इस मिशन को अपनाना क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

आलीराजपुर में वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर हुआछात्र संवाद कार्यक्रम।


छात्र संवाद कार्यक्रम में उठी जोरदार आवाज़ — एक राष्ट्र, एक चुनाव से रुकेगा आर्थिक नुकसान।
आलीराजपुर | 6 दिसंबर,2025
आलीराजपुर बस स्टैंड पर ओपन मंच के माध्यम से स्टूडेंट्स फॉर वन नेशन वन इलेक्शन के बैनर तले छात्र संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय गुप्ता ने की तथा मुख्य वक्ता डॉ. रोहीन राय रहे। विशेष अतिथि के रूप में रेव सिंह भाभर, जयपाल खरत तथा स्टूडेंट फॉर वन नेशन वन इलेक्शन के जिला संयोजक विनय चौहान शामिल हुए।

भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ

जिला संयोजक विनय चौहान सहित सभी अतिथियों ने भारत माता की तस्वीर पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। अतिथियों के स्वागत के बाद विनय चौहान ने संगठन की मानसी पदाधिकारी एवं उपस्थित छात्र-शक्ति का अभिनंदन किया।

मुख्य वक्ता ने रखा आर्थिक विश्लेषण

मुख्य वक्ता डॉ. रोहीन राय ने अपने बौद्धिक संबोधन में बताया कि
“एक राष्ट्र, एक चुनाव” देश के आर्थिक नुकसान को रोकने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों में प्रशासनिक संसाधन, मानवबल और सरकारी खजाने का बड़ा हिस्सा खर्च होता है। यदि चुनाव एक साथ कराए जाएँ तो यह धन सीधे विकास कार्यों और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में लगाया जा सकता है।

विशेष अतिथियों ने भी अपने वक्तव्य में कहा कि यह योजना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। युवाओं को इस विषय पर जागरूक होकर नीति-निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।

हस्ताक्षर अभियान से छात्र हुए संकल्पित

कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने वन नेशन वन इलेक्शन के समर्थन में बड़े उत्साह से हस्ताक्षर अभियान चलाया। सभी ने राष्ट्रगीत गाकर एकजुटता का संदेश दिया और राष्ट्रीय हित में अपनी भूमिका मजबूत करने का संकल्प लिया।

मंच संचालन और आभार

मंच का संचालन नानसिंह चौहान ने किया, जबकि कार्यक्रम के अंत में मनीष राठौर ने सभी अतिथियों एवं छात्रों का आभार व्यक्त किया।

बेसवनी -जामली - धूरट रोड़ का हुआ भूमिपुजन।

भूमिपूजन ....

 बेसवानी–जामली–धूरट सड़क निर्माण कार्य को आज औपचारिक शुरुआत मिल गई। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में सड़क निर्माण का भव्य भूमिपूजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री नागर सिंह चौहान रहे। मंत्री जी के आगमन पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

 सड़क निर्माण से क्षेत्र को बड़ी राहत

बेसवानी से जामली और धूरट को जोड़ने वाली यह सड़क वर्षों से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में थी, जिसके कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। बारिश के दिनों में यह समस्या और ज्यादा बढ़ जाती थी।

नए निर्माण से—

1.ग्रामीणों को बेहतर व सुरक्षित सड़क सुविधा मिलेगी
2.कृषि उपज और दैनिक आवश्यक वस्तुओं का परिवहन आसान होगा,
3.स्कूल–कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को राहत मिलेगी
4.एंबुलेंस व अन्य आपातकालीन सेवाओं को तेज गति से पहुंच मिल सकेगी।
5. जीवनयापन में सुविधा होगी।

कट्ठीवाड़ा में दो दिवसीय पेसा प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न: ग्रामसभा सशक्तिकरण की ओर बड़ा कदम।

दिनांक: 17 नवंबर 2025
स्थान: जनपद पंचायत कट्ठीवाड़ा, सभा कक्ष

जनपद पंचायत कट्ठीवाड़ा में आज दो दिवसीय पेसा (PESA) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सेक्टरवार कुल 12 पंचायतों के सरपंच, सचिव, GRS, मोबीलाइज़र, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता तथा पेसा समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य—ग्राम सभा को सशक्त बनाना, पेसा अधिनियम के प्रावधानों की गहन समझ विकसित करना और स्थानीय स्वशासन को ज़मीनी स्तर पर मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक पेसा समन्वयक विनय चौहान ने किया। उन्होंने पेसा नियमों, वन अधिकार, ग्राम सभा की सर्वोच्चता और ग्राम संसाधनों से आर्थिक उन्नति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।

🔹 प्रशिक्षण में चर्चा किए गए प्रमुख बिंदु

1. नवीन ग्राम सभा का गठन

पेसा नियमों के अंतर्गत ग्राम सभा का पुनर्गठन एक आवश्यक प्रक्रिया है। प्रशिक्षण में बताया गया कि नई ग्राम सभा का गठन निर्धारित नियमों व प्रक्रियाओं के अनुसार ही किया जाए ताकि ग्राम स्तर पर निर्णय लेना पारदर्शी और प्रभावी हो।

2. ग्राम सभा कोष/निधि खाता

हर ग्राम सभा के लिए पृथक ग्राम सभा कोष / निधि खाता खोलना आवश्यक है। इस खाते के माध्यम से ग्राम सभा अपनी आर्थिक गतिविधियों का स्वतंत्र रूप से संचालन कर सकेगी। प्रशिक्षण में इसे शीघ्र पूर्ण करने पर जोर दिया गया।

3. तेंदूपत्ता संग्रहण का प्रस्ताव

तेंदूपत्ता संग्रहण जनजातीय समुदाय की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसलिए 15 दिसंबर से पूर्व सभी ग्राम सभाओं को संग्रहण प्रस्ताव पारित कर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

4. पेसा नियम अंतर्गत गठित समितियाँ

पेसा नियमों के तहत प्रत्येक ग्राम में अलग-अलग समितियाँ बनाई जाती हैं, जैसे—

1.वन समिति
2.जल समिति
3.लघु वनोपज समिति
4.श्रम समिति
5ग्राम विवाद समाधान समिति।

प्रशिक्षण में इन सभी समितियों के संरचना, अधिकार, दायित्व और कार्यप्रणाली पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

5. जल–जंगल–जमीन से आर्थिक उन्नति

विनय चौहान ने बताया कि ग्राम सभा कैसे अपने प्राकृतिक संसाधनों—जल, जंगल और जमीन—का संरक्षण करते हुए आर्थिक उन्नति की मजबूत राह तैयार कर सकती है।
इसमें लघु वनोपज प्रबंधन, वन संरक्षण, श्रम प्रबंधन एवं सामुदायिक निर्णयों को सर्वोच्च महत्व देने पर जोर दिया गया।

6. ग्राम विकास योजनाओं में ग्राम सभा की सर्वोच्चता

पेसा के अनुसार ग्राम विकास योजना में ग्राम सभा सर्वोच्च संस्था होती है।
सभी योजनाओं, अनुमोदनों, कार्यों और खर्चों को ग्राम सभा की अनुमति और चर्चा के उपरांत ही क्रियान्वित किया जाएगा। यह स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत करता है।

7. सामाजिक लेखा-जोखा (Social Audit)

सामाजिक लेखा-जोखा ग्रामवाद शासन की पारदर्शिता की रीढ़ है। प्रशिक्षण में बताया गया कि—

1.कार्यों का निरीक्षण
2.खर्च का मूल्यांकन
3.शासकीय योजनाओं का सही क्रियान्वयन
4.जिम्मेदारियों का निर्धारण।
इन सबको सुनिश्चित करने के लिए नियमित social audit आवश्यक है।

8. मोबिलाइज़र की भूमिका

मोबीलाइज़र को ग्रामीण स्तर पर पेसा गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने का दायित्व सौंपा गया है। प्रशिक्षण में उनकी मुख्य जिम्मेदारियाँ बताई गईं—

1.ग्राम सभा में उपस्थिति
2.फील्ड विजिट
3.दस्तावेज़ीकरण
4.योजनाओं का प्रचार-प्रसार
5.समितियों के साथ सतत समन्वय।

9. पेसा अधिनियम 2022 के प्रमुख प्रावधानों की समीक्षा

नए पेसा अधिनियम 2022 के अनुसार—
1.ग्राम सभा को निर्णय लेने का अधिकार
2.प्राकृतिक संसाधनों पर समुदाय के अधिकार
3.सामाजिक न्याय और विवाद समाधान
4.व्यवसायिक गतिविधियों पर नियंत्रण
5.जनजातीय हित संरक्षण।
इन सभी पर व्यवहारिक व उदाहरण सहित प्रशिक्षण दिया गया।

10. वन अधिकारों की सरल व्याख्या

प्रशिक्षण में वनाधिकार से जुड़े व्यक्तिगत और सामुदायिक अधिकारों को भी सरल भाषा में समझाया गया। इससे ग्रामीण परिवारों को अपने वैधानिक अधिकारों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

अन्य प्रमुख चर्चाएँ

साथ ही ग्राम स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, श्रम प्रबंधन, आजीविका और पारंपरिक व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों एवं समाधान पर भी खुलकर चर्चा की गई।
यह प्रशिक्षण पेसा के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।