अलीराजपुर जिला...
मध्यप्रदेश राज्य का अलीराजपुर जिला पहले झाबुआ जिले के अंतर्गत आता था, लेकिन 17 मई 2008 में अलीराजपुर को झाबुआ जिले से अलग करके एक नया जिला बनाया गया। अलीराजपुर जिले कि अधिकांश जनसंख्या आदिवासी लोगों की हैं, जो सबसे ज्यादा गांवों में निवास करते हैं। आलीराजपुर जिले में कुल पांच तहसील है, जोबट, अलिराजपुर, सोंडवा, कठ्ठीवाड़ा और चंद्र शेखर आजाद नगर। अलीराजपुर जिले में कुल गांवों की संख्या 552 हैं। अलीराजपुर जिला 3182 वर्ग किमी में फैला हुआ है। अगर हम जनसंख्या के बारे में जानें तो यहां की जनसंख्या लगभग 728677 (2011 की जनगणना के अनुसार) हैं।
अलीराजपुर ज़िला महाराष्ट्र और गुजरात राज्य की सीमा से जुड़ा हुआ है। अलीराजपुर जिले कि अधिकांश जनसंख्या रोजगार के लिए कृषि ओर मजदूरी पर निर्भर है, जिसके लिए उन्हें गुजरात ओर अन्य शहरों में जाना पड़ता है।
मध्य प्रदेश की जीवन रेखा कही जाने वाली नर्मदा नदी इस जिले से होकर बहती है, नर्मदा नदी इस जिले कि प्रमुख नदी है। नर्मदा नदी के दर्शन एवम स्नान के लिए कई सारे पर्यटक और श्रृद्धालु आते हैं।
अगर हम अलीराजपुर जिले के प्रसिद्ध हाट की बात करे तो भोंगर्या (भंगोरिया) हाट अलीराजपुर का बहुत ही प्रसिद्ध हाट हैं। भोंगर्या हाट होली से 7 दिन पहले, अलीराजपुर सहित, अलीराजपुर के कई सारे गांवों में आयोजित किया जाता हैं। जैसे - अलीराजपुर, जोबट, चंद्र शेखर आजाद नगर, सोंडवा, वालपुर, छकतला, मथवाड, बखतगढ़, फूलमाल आदि। इस हाट को देखने के लिए देश विदेश से लोग आते हैं।
अलीराजपुर के दर्शनीय स्थलों की बात करे तो रानी काजल माता मंदिर ( मथावाड़ ), जैन मंदिर (लक्ष्मणी), कठ्ठीवाड़ा का झरना इत्यादि प्रमुख हैं।
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