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धार जिले के बारे में जानें


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धार जिला – मध्यप्रदेश का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक खजाना

आज हम बात करेंगे मध्यप्रदेश के एक ऐसे जिले की, जो इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता का संगम है – धार जिला।

धार की भौगोलिक स्थिति

धार जिला मध्यप्रदेश के पश्चिमी भाग में स्थित है। यह इंदौर से लगभग 65-70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे यहाँ पहुँचना आसान है। जिले की सीमाएँ पश्चिम में गुजरात और दक्षिण में महाराष्ट्र से मिलती हैं।

इतिहास की झलक

धार का इतिहास समृद्ध और विविधतापूर्ण है। 10वीं से 11वीं सदी के बीच परमार वंश के राजा भोज (1010-1055 ई.) ने यहाँ शासन किया। राजा भोज विद्या और कला के महान संरक्षक थे। उन्होंने धार में एक शिक्षण संस्थान की स्थापना की, जिसे भोजशाला के नाम से जाना जाता है। यह संस्कृत अध्ययन का प्रमुख केंद्र था, जहाँ दूर-दूर से विद्यार्थी ज्ञान अर्जन के लिए आते थे।

धार किला

धार किला, जो शहर के मध्य में स्थित है, परमार काल की वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह किला लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है और इसकी बनावट में मुस्लिम और हिंदू वास्तुकला का मिश्रण देखा जा सकता है।

भोजशाला – ज्ञान का मंदिर

भोजशाला राजा भोज द्वारा स्थापित एक शिक्षण संस्थान था, जहाँ विशेष रूप से संस्कृत और अन्य विषयों की पढ़ाई होती थी। वर्तमान में, यह स्थल हिंदू और मुस्लिम समुदायों के लिए धार्मिक महत्व रखता है। यहाँ शुक्रवार को नमाज़ और मंगलवार को पूजा-अर्चना होती है।

मांडू – प्रेम और वास्तुकला का शहर

धार से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित मांडू अपनी ऐतिहासिक इमारतों और प्रेम कहानियों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के प्रमुख आकर्षण हैं:

रानी रूपमती का मंडप: यह मंडप विंध्याचल पहाड़ियों पर स्थित है, जहाँ से नर्मदा नदी का सुंदर दृश्य दिखाई देता है।

बाज़ बहादुर का महल: संगीत प्रेमी सुल्तान बाज़ बहादुर और रानी रूपमती की प्रेम कहानी से जुड़ा यह महल अपनी उत्कृष्ट वास्तुकला के लिए जाना जाता है।


संस्कृति और जनजातियाँ

धार जिले में विभिन्न जनजातियाँ निवास करती हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

भील: यह मध्य भारत की एक प्रमुख जनजाति है, जो अपनी विशिष्ट संस्कृति, नृत्य और त्योहारों के लिए जानी जाती है।

भिलाला: भील जनजाति की एक उपशाखा, जो मुख्यतः कृषि कार्यों में संलग्न है।


भगोरिया उत्सव

भगोरिया धार जिले का एक महत्वपूर्ण आदिवासी त्योहार है, जिसे होली के पूर्व सप्ताह में मनाया जाता है। इस दौरान विभिन्न हाट-बाजारों में मेले लगते हैं, जहाँ युवक-युवतियाँ पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य और संगीत के माध्यम से अपनी संस्कृति का प्रदर्शन करते हैं।

कृषि और फसलें

धार जिले की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है। यहाँ उगाई जाने वाली प्रमुख फसलें हैं:

सोयाबीन: यह जिले की मुख्य खरीफ फसल है, जो बड़े पैमाने पर उगाई जाती है।

कपास: निमाड़ क्षेत्र में कपास की खेती महत्वपूर्ण है, जिसमें धार जिला प्रमुख उत्पादक है।

मक्का: ज्वार और बाजरा के साथ, मक्का भी यहाँ की महत्वपूर्ण फसल है।

गेहूँ और चना: रबी सीजन में गेहूँ और चने की खेती व्यापक रूप से की जाती है।


शिक्षा संस्थान

धार जिले में शिक्षा के क्षेत्र में भी विकास हुआ है। यहाँ कई सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान हैं:

शासकीय पी.जी. कॉलेज, धार: यह जिले का प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान है, जहाँ विभिन्न विषयों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।

इंदिरा गांधी मेमोरियल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज: यह निजी मेडिकल कॉलेज होम्योपैथी के क्षेत्र में शिक्षा प्रदान करता है और मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर से संबद्ध है।


पर्यटन स्थल

धार जिले में कई दर्शनीय स्थल हैं, जो इतिहास और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करते हैं:

बाघ गुफाएँ: ये प्राचीन बौद्ध गुफाएँ अपनी चित्रकला और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध हैं।

कामलीखेड़ा डेम: यह पिकनिक स्थल के रूप में लोकप्रिय है, जहाँ लोग प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हैं।


खान-पान

यहाँ का भोजन मालवा क्षेत्र के स्वाद को दर्शाता है। पोहा-जलेबी, दाल-बाटी, और मक्के की रोटी-सरसो का साग यहाँ के प्रमुख व्यंजन हैं। स्थानीय बाजारों में समोसा, कचौरी और अन्य स्नैक्स भी लोकप्रिय हैं।

विकास और चुनौतियाँ

हाल के वर्षों में धार जिले में बुनियादी ढाँचे, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है। सड़कों का विस्तार, नए स्कूल और अस्पतालों की स्थापना से विकास को गति मिली है। फिर भी, कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी, शिक्षा की गुणवत्ता और बेरोजगारी जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं, जिन पर निरंतर ध्यान देने की आवश्यकता है।

निष्कर्ष

धार जिला अपनी समृद्ध इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए विशेष स्थान रखता है। यहाँ की विविधता, त्योहारों की रंगीनता और लोगों की आत्मीयता इसे मध्यप्रदेश का एक अनमोल रत्न बनाती है। यदि आप इतिहास, संस्कृति और प्रकृति का संगम एक साथ अनुभव करना चाहते हैं, तो धार जिला आपकी यात्रा सूची में अवश्य होना चाहिए।

हम उम्मीद करते हैं आपको ये जानकारी पसंद आई होगी..।


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