दिनांक: 17 नवंबर 2025
स्थान: जनपद पंचायत कट्ठीवाड़ा, सभा कक्ष
जनपद पंचायत कट्ठीवाड़ा में आज दो दिवसीय पेसा (PESA) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सेक्टरवार कुल 12 पंचायतों के सरपंच, सचिव, GRS, मोबीलाइज़र, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता तथा पेसा समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य—ग्राम सभा को सशक्त बनाना, पेसा अधिनियम के प्रावधानों की गहन समझ विकसित करना और स्थानीय स्वशासन को ज़मीनी स्तर पर मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक पेसा समन्वयक विनय चौहान ने किया। उन्होंने पेसा नियमों, वन अधिकार, ग्राम सभा की सर्वोच्चता और ग्राम संसाधनों से आर्थिक उन्नति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
🔹 प्रशिक्षण में चर्चा किए गए प्रमुख बिंदु
पेसा नियमों के अंतर्गत ग्राम सभा का पुनर्गठन एक आवश्यक प्रक्रिया है। प्रशिक्षण में बताया गया कि नई ग्राम सभा का गठन निर्धारित नियमों व प्रक्रियाओं के अनुसार ही किया जाए ताकि ग्राम स्तर पर निर्णय लेना पारदर्शी और प्रभावी हो।
2. ग्राम सभा कोष/निधि खाता
हर ग्राम सभा के लिए पृथक ग्राम सभा कोष / निधि खाता खोलना आवश्यक है। इस खाते के माध्यम से ग्राम सभा अपनी आर्थिक गतिविधियों का स्वतंत्र रूप से संचालन कर सकेगी। प्रशिक्षण में इसे शीघ्र पूर्ण करने पर जोर दिया गया।
3. तेंदूपत्ता संग्रहण का प्रस्ताव
तेंदूपत्ता संग्रहण जनजातीय समुदाय की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसलिए 15 दिसंबर से पूर्व सभी ग्राम सभाओं को संग्रहण प्रस्ताव पारित कर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
4. पेसा नियम अंतर्गत गठित समितियाँ
पेसा नियमों के तहत प्रत्येक ग्राम में अलग-अलग समितियाँ बनाई जाती हैं, जैसे—
1.वन समिति
2.जल समिति
3.लघु वनोपज समिति
4.श्रम समिति
5ग्राम विवाद समाधान समिति।
प्रशिक्षण में इन सभी समितियों के संरचना, अधिकार, दायित्व और कार्यप्रणाली पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
5. जल–जंगल–जमीन से आर्थिक उन्नति
विनय चौहान ने बताया कि ग्राम सभा कैसे अपने प्राकृतिक संसाधनों—जल, जंगल और जमीन—का संरक्षण करते हुए आर्थिक उन्नति की मजबूत राह तैयार कर सकती है।
इसमें लघु वनोपज प्रबंधन, वन संरक्षण, श्रम प्रबंधन एवं सामुदायिक निर्णयों को सर्वोच्च महत्व देने पर जोर दिया गया।
6. ग्राम विकास योजनाओं में ग्राम सभा की सर्वोच्चता
पेसा के अनुसार ग्राम विकास योजना में ग्राम सभा सर्वोच्च संस्था होती है।
सभी योजनाओं, अनुमोदनों, कार्यों और खर्चों को ग्राम सभा की अनुमति और चर्चा के उपरांत ही क्रियान्वित किया जाएगा। यह स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत करता है।
7. सामाजिक लेखा-जोखा (Social Audit)
सामाजिक लेखा-जोखा ग्रामवाद शासन की पारदर्शिता की रीढ़ है। प्रशिक्षण में बताया गया कि—
1.कार्यों का निरीक्षण
2.खर्च का मूल्यांकन
3.शासकीय योजनाओं का सही क्रियान्वयन
4.जिम्मेदारियों का निर्धारण।
इन सबको सुनिश्चित करने के लिए नियमित social audit आवश्यक है।
8. मोबिलाइज़र की भूमिका
मोबीलाइज़र को ग्रामीण स्तर पर पेसा गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने का दायित्व सौंपा गया है। प्रशिक्षण में उनकी मुख्य जिम्मेदारियाँ बताई गईं—
1.ग्राम सभा में उपस्थिति
2.फील्ड विजिट
3.दस्तावेज़ीकरण
4.योजनाओं का प्रचार-प्रसार
5.समितियों के साथ सतत समन्वय।
9. पेसा अधिनियम 2022 के प्रमुख प्रावधानों की समीक्षा
नए पेसा अधिनियम 2022 के अनुसार—
1.ग्राम सभा को निर्णय लेने का अधिकार
2.प्राकृतिक संसाधनों पर समुदाय के अधिकार
3.सामाजिक न्याय और विवाद समाधान
4.व्यवसायिक गतिविधियों पर नियंत्रण
5.जनजातीय हित संरक्षण।
इन सभी पर व्यवहारिक व उदाहरण सहित प्रशिक्षण दिया गया।
10. वन अधिकारों की सरल व्याख्या
प्रशिक्षण में वनाधिकार से जुड़े व्यक्तिगत और सामुदायिक अधिकारों को भी सरल भाषा में समझाया गया। इससे ग्रामीण परिवारों को अपने वैधानिक अधिकारों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
अन्य प्रमुख चर्चाएँ
साथ ही ग्राम स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, श्रम प्रबंधन, आजीविका और पारंपरिक व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों एवं समाधान पर भी खुलकर चर्चा की गई।
यह प्रशिक्षण पेसा के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।